Last updated: July 20th, 2026 at 06:07 am
IGMC Faces Test Disruptions Amid Kit Shortageइंदिरा गांधी मेडिकल कालेज व अस्पताल आईजीएमसी सरकारी लैब में बीते कुछ हफ्तों पहले शुरू हुआ एचबीए1सी टेस्ट फिर बंद हो चुका है। साथ ही कई अहम ब्लड टेस्ट भी बंद हैं। एचबीए1सी, थायराइड, विटामिन डी और विटामिन बी12 जैसे जरूरी टेस्ट रिएजेंट किट्स की कमी के कारण नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी क्रस्ना लैब में जांच करानी पड़ रही है। एचबीए1सी बीते कई दिनों से, विटामिन बी12 और थायराइड के टेस्ट कई महीनों से बंद हैं, जबकि विटामिन डी की जांच कई वर्षों से सरकारी लैब में नहीं हो रही है। अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सरकारी लैब में सभी जांचें उपलब्ध न होने से उन्हें अलग-अलग जगहों पर भटकना पड़ रहा है।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को कुछ राहत देते हुए निजी लैब में होने वाले टेस्ट के सैंपल सरकारी लैब में ही देने की सुविधा दी है। सरकारी लैब के कर्मचारी ही इन सैंपल को लेकर आगे भेजते हैं, जिससे मरीजों को निजी लैब में लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ता। वहीं सरकारी लैब की रिपोर्ट दोपहर तीन बजे मरीजों को दी जाती है। लेकिन दूसरी ओर क्रस्ना लैब में दिए गए सैंपल की रिपोर्ट अगले दिन दस बजे आ रही है। जिस कारण दूरदराज के क्षेत्र से आने वाले मरीजों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी लैब में करवाए गए टेस्ट की रिपोर्ट आमतौर पर दोपहर तीन बजे तक मिल जाती है, लेकिन निजी लैब में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट अगले दिन सुबह करीब दस बजे मिलती है। ऐसे में दूर दराज से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कई बार इलाज के लिए उन्हें अगले दिन फिर अस्पताल आना पड़ता है।
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