HomeCrimeपांवटा में संरक्षित मॉनिटर लिजर्ड के शिकार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

पांवटा में संरक्षित मॉनिटर लिजर्ड के शिकार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

पांवटा साहिब। वन विभाग ने पांवटा साहिब क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीव मॉनिटर लिजर्ड (गोह) के अवैध शिकार का पर्दाफाश करते
hp24 newsThree Held for Monitor Lizard Poaching

पांवटा साहिब। वन विभाग ने पांवटा साहिब क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीव मॉनिटर लिजर्ड (गोह) के अवैध शिकार का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक जीवित और तीन मृत मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुई हैं। विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

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    वन विभाग को मॉनिटर लिजर्ड के अवैध शिकार की पहले से सूचना मिली थी, जिसके बाद विभाग की टीम सतर्क थी। इसी दौरान राजबन के समीप एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई। बाइक पर तीन लोग सवार थे, जिनके पास एक भाला जैसा हथियार और एक बोरी थी। तलाशी के दौरान बोरी से चार मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुईं। इनमें एक जीवित थी, जबकि तीन की मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि इनका शिकार उसी दिन किया गया था।

    जीवित घायल मॉनिटर लिजर्ड के उपचार के लिए मौके पर पशु चिकित्सक को बुलाया गया। फिलहाल उसे वन विभाग और पशुपालन विभाग की निगरानी में रखा गया है।

    मॉनिटर लिजर्ड, जिसे आमतौर पर ‘गोह’ कहा जाता है, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है। इसके शिकार या अवैध व्यापार पर प्रतिबंध है और दोषी पाए जाने पर 5 से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। भारत में पाई जाने वाली बंगाल मॉनिटर, येलो मॉनिटर, डेजर्ट मॉनिटर और वाटर मॉनिटर संरक्षित श्रेणी में शामिल हैं।

    वन विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में मॉनिटर लिजर्ड का अवैध शिकार इसके मांस तथा तांत्रिक मान्यताओं से जुड़े अवैध उपयोग के कारण किया जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार या तस्करी से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

    वन विभाग के एसीएफ आदित्य शर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से एक जीवित और तीन मृत मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुई हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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