HomeHealthसिरमौर खदान हादसा: मलबे में दबे डंपर चालक का शव बरामद, दो नेपाली मजदूर अब भी लापता

सिरमौर खदान हादसा: मलबे में दबे डंपर चालक का शव बरामद, दो नेपाली मजदूर अब भी लापता

नाहन: सिरमौर जिले की कमरऊ तहसील के बागनधार स्थित चूना पत्थर की खदान में हुए भूस्खलन के बाद दूसरे दिन
hp24 newsSirmaur Mine Accident: Dumper Driver’s Body Recovered, 2 Workers Missing

नाहन: सिरमौर जिले की कमरऊ तहसील के बागनधार स्थित चूना पत्थर की खदान में हुए भूस्खलन के बाद दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव अभियान जारी है। हादसे में मलबे में दबे तीन लोगों में से एक डंपर चालक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि नेपाली मूल के दो मजदूरों की तलाश अभी जारी है। मौके पर एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।

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    जानकारी के मुताबिक मंगलवार को खदान में अचानक पहाड़ दरकने से भारी मात्रा में चट्टान और मलबा नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में दो डंपर और एक एलएंडटी मशीन आ गई। हादसे के समय डंपरों में एक चालक और दो मजदूर मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया।

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    लगातार बारिश, घना कोहरा और पहाड़ी से खिसकते मलबे के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से बुधवार को अभियान तेज किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम एक डंपर तक पहुंची और उसमें फंसे चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    मृतक की पहचान बड़वास निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई है। अब रेस्क्यू टीम का पूरा ध्यान मलबे में फंसे दो नेपाली मजदूरों को तलाशने पर है।

    डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि एक चालक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अन्य लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सभी लापता लोगों की तलाश पूरी होने तक बचाव अभियान जारी रहेगा।

    वहीं, जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र के अनुसार बरसात के दौरान भी नियमों के तहत चूना पत्थर की खदानों में खनन गतिविधियां संचालित होती हैं। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी जांच संबंधित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जाएगी। फिलहाल खराब मौसम और लगातार खिसक रहे मलबे के बीच रेस्क्यू टीम के सामने अभियान को सुरक्षित तरीके से पूरा करने की चुनौती बनी हुई है।

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