HomeHimachal Pradeshचूड़धार में बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण चिंता का विषय

चूड़धार में बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण चिंता का विषय

हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहर चूड़धार में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और अव्यवस्थित पर्यटन को लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही
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हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहर चूड़धार में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और अव्यवस्थित पर्यटन को लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही बलजीत कौर ने गंभीर चिंता जताई है। उनकी संस्था क्लिम जील एडवेंचर एलएलपी की छह सदस्यीय टीम ने हाल ही में चूड़धार शिखर और मंदिर परिसर के आसपास स्वच्छता अभियान चलाकर करीब 70 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा और रैपर एकत्रित किए। बलजीत कौर ने बताया कि एकत्रित किया गया कचरा केवल सूखा प्लास्टिक और रैपर था, जबकि क्षेत्र में इससे कई गुना अधिक कचरा फैला हुआ है। सीमित संसाधनों और स्वयंसेवकों की संख्या कम होने के कारण पूरे क्षेत्र की सफाई संभव नहीं हो सकी।

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    उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के जंगलों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, गीला और सूखा कचरा बिखरा पड़ा है, जो पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए खतरा बन रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र होने के बावजूद कई स्थानों पर खुले में प्लास्टिक जलाया जा रहा है, जो पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है। इससे जंगलों के साथ-साथ प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंच रहा है। बलजीत कौर ने कहा कि चूड़धार में लगाए गए प्लास्टिक डस्टबिन प्रभावी नहीं हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं। उन्होंने सीमेंट से बने स्थायी कूड़ेदान स्थापित करने और कचरा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने चिंता जताई कि बड़ी संख्या में पर्यटक जंगलों में अनधिकृत कैंपिंग कर रहे हैं, टेंट लगाकर पार्टियां आयोजित की जा रही हैं तथा डीजे और म्यूजिक सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक शांति और वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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