Last updated: July 2nd, 2026 at 04:54 am
Orange Alert Amid Heavy Rainहिमाचल में मानसून की एंट्री के पहले ही दिन तेज बारिश के चलते हुई दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में से दो लोगों की मौत सडक़ दुर्घटनाओं में हुई, जबकि एक व्यक्ति की पहाड़ी से फिसलने और एक की करंट लगने से जान गई। दो अन्य लोगों की भी अलग-अलग हादसों में मौत हुई है। प्रदेश के कांगड़ा जिला में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि मंडी जिला में एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं कांगड़ा और लाहुल-स्पीति में रोड एक्सीडेंट के कारण दो लोगों की जान चली गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार शाम तक प्रदेश में एक एनएच 35 सडक़ें बंद हो गई थीं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 18 सडक़ें कुल्लू जिला में बंद हैं। इसके अलावा मंडी में 11, जबकि ऊना, सिरमौर और लाहुल-स्पीति में दो-दो सडक़ें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रदेश में 127 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इनमें कुल्लू में 86, सोलन और सिरमौर में 12-12, मंडी में 11 तथा ऊना में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। राहत की बात यह है कि प्रदेश में फिलहाल किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है। बारिश के कारण मंडी और शिमला जिलों में एक-एक कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लोक निर्माण विभाग को अब तक 582.42 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। विभाग को हुए नुक्सान का यह आंकड़ा 20 जून से पहलीजुलाई तक की अवधि का है। इसमें सबसे अधिक नुकसान विभाग के कांगड़ा जोन में दर्ज किया गया है।
आज कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट
कार्यालय संवाददाता — शिमला
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को पूरे राज्य में मानसून की एंट्री हो गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से मानसून समूचे हिमाचल में अब अपनी पैठ बना चुका है। राजधानी शिमला में बुधवार सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि कांगड़ा, मंडी, चंबा, बिलासपुर और अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। दूसरी ओर लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, सडक़ अवरोध और अन्य समस्याएं सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने दो और तीन जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
चार जुलाई को यलो अलर्ट रहेगा। पांच जुलाई को मंडी और सिरमौर जिलों में फिर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। छह जुलाई को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि सात जुलाई को यलो अलर्ट रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा जिला के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिलीमीटर, घमरूर में 95.2 मिलीमीटर, गुलेर में 87.2 मिलीमीटर और पालमपुर में 74.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चंबा के सलूनी में 68.2 मिलीमीटर और मंडी के जोगिंदरनगर में 48 मिलीमीटर वर्षा हुई।
लाहुल-स्पीति के लिए एडवाइजरी जारी
लाहुल-स्पीति के जिस्पा क्षेत्र में मंगलवार रात बादल फटने से एक नाले में अचानक बाढ़ आ गई थी, जिससे कुछ समय के लिए लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ। बाद में मार्ग बहाल कर दिया गया। स्थिति को देखते हुए उपायुक्त किरण भड़ाना ने लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहुल-स्पीति की यात्रा करें तथा यात्रा से पहले मौसम और सडक़ों की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
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