HomeCrimeसिरमौर : निजी वीडियो बनाकर युवती को कर रहा था ब्लैकमेल, सिरमौर का 21 वर्षीय युवक अरेस्ट

सिरमौर : निजी वीडियो बनाकर युवती को कर रहा था ब्लैकमेल, सिरमौर का 21 वर्षीय युवक अरेस्ट

महिला पुलिस थाना बीसीएस शिमला में एक 20 वर्षीय युवती की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए
hp24 news21-Year-Old Arrested for Blackmailing Woman Over Private Video

महिला पुलिस थाना बीसीएस शिमला में एक 20 वर्षीय युवती की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निजी वीडियो की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग कर युवती को ब्लैकमेल करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78, 351(2) और आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला 12 जुलाई, 2026 को दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार युवती ने शिकायत में बताया कि उसके निजी वीडियो की उसकी अनुमति के बिना स्क्रीन रिकॉर्डिंग की गई। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया।

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    आरोप है कि निजी वीडियो को विभिन्न वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से गलत तरीके से प्रसारित करने का प्रयास भी किया गया। शिकायत मिलने के बाद महिला पुलिस थाना बीसीएस ने मामले की जांच शुरू की। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को आरोपी के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद अंकुश चौहान उम्र 21 वर्ष निवासी जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश को 15 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन को भी कब्जे में लिया है। मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो को किस तरह रिकॉर्ड किया गया और उसे सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने का प्रयास किस तरीके से किया गया। एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में पुलिस संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ कार्रवाई कर रही है। खासकर साइबर माध्यम से महिलाओं की निजता और गरिमा को प्रभावित करने वाले मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में पीडि़ता की पहचान और गरिमा की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। पुलिस मामले की जांच आगे जारी रखे हुए है।

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