HomeHimachal Pradesh20 साल पुरानी बस में यात्री सुरक्षित, तो 15 साल पुरानी बस में छात्र खतरे में कैसे

20 साल पुरानी बस में यात्री सुरक्षित, तो 15 साल पुरानी बस में छात्र खतरे में कैसे

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्कूल बसों की समय सीमा से जुड़े एक मामले में महत्त्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए एक
hp 24 newsHP HC Questions 15-Year Bus Ban

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्कूल बसों की समय सीमा से जुड़े एक मामले में महत्त्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए एक शिक्षण संस्थान को उसकी 15 साल पुरानी बस चलाने की अंतरिम अनुमति दे दी है। अदालत ने कहा कि छात्रों और आम यात्रियों की सुरक्षा के मानक अलग-अलग नहीं हो सकते। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने एल्पाइन पब्लिक स्कूल एजुकेशन सोसायटी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के पश्चात यह आदेश जारी किए।

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    याचिकाकर्ता सोसायटी ने कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन दायर कर अपनी 15 साल पुरानी स्कूल बस को सडक़ पर चलाने की अनुमति मांगी थी। सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी जाती है। याचिकाकर्ता ने कहा कि कई निजी और यात्री बसें ऐसी हैं, जिन्हें 20 से 25 साल की अवधि पूरी होने के बाद भी चलने की अनुमति दी जा रही है।

    जब 20 साल पुरानी बस में सफर करने वाले आम यात्री सुरक्षित रह सकते हैं, तो यह मान लेना तर्कसंगत नहीं है कि 15 साल पुरानी बस में स्कूली बच्चे असुरक्षित हो जाएंगे। सुरक्षा से जुड़े नियम सभी वाहनों के लिए समान होने चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सही पाते हुए प्रथम दृष्टया राहत का मामला माना। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को संबंधित बस से छात्रों को लाने-ले जाने की अनुमति दी जाए। वाहन की आयु को छोडक़र, सुरक्षा व फिटनेस से जुड़ी अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं और शर्तें तीन दिनों के भीतर पूरी की जाएं। यह अंतरिम राहत मुख्य याचिका के लंबित रहने तक जारी रहेगी। अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की गई है।

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