Last updated: July 16th, 2026 at 07:18 am
Farmers Protest Outside Paonta SDM Officeसंयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पांवटा साहिब के बैनर तले बुधवार को सैकड़ों किसानों और उपभोक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की कथित मोदी-ट्रंप कृषि एवं व्यापार डील के विरोध में उसकी प्रतियां जलाकर नारेबाजी की और एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल को तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
हाथों में तख्तियां और काले झंडे लेकर पहुंचे किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। एसकेएम के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ की गई कृषि एवं व्यापार संबंधी डील से भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे। उनका कहना था कि इससे विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार में बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय कृषि व्यवस्था और मंडियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस समझौते को रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट बिजली मीटरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसकेएम ने आरोप लगाया कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की रीडिंग में अनियमितताएं हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर अधिक बिजली बिल का बोझ पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि स्मार्ट मीटरों की थर्ड पार्टी से जांच करवाई जाए, जांच पूरी होने तक अतिरिक्त बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर न बदले जाएं।
तीसरे मुद्दे के रूप में किसानों ने कृषि विभाग पर रबी सीजन में खरीदे गए गेहूं और तोरिया के बीज का भुगतान छह महीने बाद भी न करने का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि भुगतान नहीं मिलने से उन्हें अगली फसल के लिए खाद और बीज खरीदने में कठिनाई हो रही है तथा आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया गया और अन्य मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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